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छोटे शहर का लड़का जिसे 24 की उम्र में मिला Tesla में सालाना ₹23 करोड़ का पैकेज

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लोग रंग बिरंगे फूलों को अपने बगीचे में लगाते हैं, उन्हें समय से पानी देते हैं उनकी देखभाल करते हैं लेकिन इसके बावजूद इनमें से कई पौधे सूख जाते हैं. वहीं कई पौधे ऐसे हैं जो बिना किसी रखरखाव के विषम परिस्थितियों में भी फल फूल जाते हैं.

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इंसानों में भी कुछ ऐसे होते हैं जिनके अंदर आगे बढ़ने की इतनी प्रबल इच्छा होती है कि वह किसी भी स्तर से कामयाबी की ऊंचाइयां छूने का बूता रखते हैं.

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छोटी उम्र में पाई बड़ी सफलता
उत्तराखंड, चंपावत के यशवंत चौधरी भी ऐसी ही मजबूत इच्छाशक्ति रखने वालों में से एक हैं. इन्होंने छोटी सी उम्र में बड़ा कमाल कर दिखाया है. दरअसल, यशवंत ने अपनी पहली ही नौकरी एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में पाई है, जहां इनका सालाना पैकेज करोड़ों रुपये है. यशवंत को मात्र 24 साल के हैं और इस छोटी सी उम्र में उसे 30 लाख डॉलर यानी 23 करोड़ रुपये से अधिक का पैकेज मिला है.

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छोटे शहर से बर्लिन तक का सफर
जर्मनी की टेस्ला गीगा कंपनी में वरिष्ठ प्रबंधक की जॉब पाने वाले युवा इंजीनियर यशवंत को अगस्त से बेंगलुरु में प्रशिक्षण लेना होगा, जिसके बाद नवंबर में उन्हें बर्लिन में काम करने का अवसर मिलेगा. यशवंत एक कारोबारी शेखर चौधरी के बेटे हैं.

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उन्होंने पिथौरागढ़ से बीटेक किया और इसके बाद 2020 में गेट की परीक्षा में 870वीं रैंक हासिल की. दो साल पहले उनका चयन बेंगलुरू में ट्रेनी प्रबंधक के रूप में हुआ था. कोरोनाकाल में उन्होंने ऑनलाइन अपनी सेवाएं दीं.

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मिला 23 करोड़ का सालाना पैकेज
यशवंत ने अपनी जॉब के संबंध में बताते हुए कहा कि उनकी पहली जॉब जर्मनी के बर्लिन में लगी है. यहां उन्हें टेस्ला गीगा फैक्टरी में वरिष्ठ प्रबंधक पद पर काम करने के लिए 30 लाख डॉलर का सालाना पैकेज ऑफर हुआ है, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है.

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यशवंत पहले 31 जुलाई तक ऑनलाइन काम करेंगे. इसके बाद अगस्त से अक्टूबर तक उनका बेंगलुरु में प्रशिक्षण होगा तथा फिर नवंबर में वह बर्लिन में अपनी सेवाएं देना शुरू करेंगे.

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यशवंत हमेशा से एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करने का सपना देखते आ रहे हैं. वह हमेशा से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि पाना चाहते थे, जिससे कि भविष्य में यह अनुभव उन्हें देश में ही किसी बड़ी जिम्मेदारी को संभालने में काम आ सके.

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यशवंत का परिवार और उनके जानने वाले उनकी इस सफलता से बेहद खुश हैं, इसके साथ ही उन्हें हर तरफ से बधाइयां मिल रही हैं. जिस तरह से यशवंत ने अपने राज्य उत्तराखंड का नाम रोशन किया है उसके लिए राजनीतिक दलों के बड़े नेता भी उन्हें बधाइयां दे रहे हैं.

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[DISCLAIMER: यह आर्टिकल कई वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. The Digital Akhbar अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है]

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