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स्कूल खोलने से पहले करना होगा ये काम! CBSE की गाइडलाइन जारी, जानें बिहार में कब से खुलेगा स्कूल

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सीबीएसई (CBSE) ने अनलॉक -5 में स्कूल खोलने (School Reopen) के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है. बोर्ड ने इसके लिए सभी स्कूलों को एक पत्र भी जारी किया है. बोर्ड ने कहा है कि स्कूल खोलने से पहले निजी स्कूलों को एक टास्क फोर्स बनाना होगा. इस टास्क फोर्स में शिक्षकों के साथ अभिभावक भी शामिल होंगे. इसके अलावा जिन स्कूलों को कोरेंटिन सेंटर बनाया गया था वहां विशेष एहतियात बरतने को कहा गया है. ऐसे स्कूलों को पूरी तरह साफ और सैनिटाइज्ड करना होगा.

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एक बेंच एक बच्चा का नियम होगा लागू- स्कूल खुलने के बाद क्लास रूम में दो छात्रों के बीच छह फुट की दूरी रहेगी. अगर सिंगल सीटर बेंच है तो एक ही छात्र उस पर बैठेगा. स्कूलों में एक बेंच एक बच्चा का नियम लागू किया जायेगा. क्लास रूम के अलावा स्टाफ रूम में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जायेगा. रिसेप्शन पर कम लोगों को बैठाने का निर्देश सीबीएसई ने जारी किया है. इसके साथ स्कूल खुलने के समय गेट पर स्कूल की तरफ से सोशल डिस्टेंसिंग के लिए अनाउंसमेंट भी की जायेगी.

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सोशल डिस्टेंसिंग के लिए स्कूलों में बनेंगे गोल घेरे- सीबीएसई ने निर्देश दिया है कि स्कूलों के अंदर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए जगह-जगह गोल घेरे बनाये जायेंगे. खास कर ऐसी जगह जहां बच्चे ज्यादा जाते हैं. स्कूल प्रवेश के दौरान भी यह घेरे बनाये जायेंगे. जहां पानी पीने के लिए नल लगा है, वहां भी यह घेरे बनाये जायेंगे. इसके अलावा एक तीर का निशान भी स्कूलों बनाया जायेगा जिससे बच्चे उचित दूरी के साथ वहां जा सकेंगे.

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ऑड इवेन फार्मूले से क्लास में बुलाये जायें छात्र- स्कूल खुलने (School Reopening) के बाद छात्रों को ऑड- इवेन फार्मूले के तहत बुलाया जा सकता है. सीबीएसई ने अपनी गाइडलाइन में इसका भी सुझाव दिया है. सीबीएसई को दो दिन पर या एक दिन के अंतराल पर भी बुलाने को सीबीएसई ने कहा है. जिन स्कूलों में ज्यादा छात्र हैं, वह स्कूल दो शिफ्ट में भी चलाये जा सकते हैं. सीबीएसई ने निर्देश दिया कि स्कूलों में कोई आयोजन नहीं किये जायेंगे.

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जो छात्र ऑनलाइन पढ़ना चाहें , उन्हें न बुलायें- CBSE ने निर्देश दिया है कि जो छात्र घर से ऑनलाइन पढ़ना चाहें, वह उन्हें स्कूल न बुलायें. स्कूल आने से पहले अभिभावकों की रजामंदी जरूरी है. ऑनलाइन पढ़ने वाले छात्रों की प्रगति की जांच भी स्कूल समय -समय पर करता रहेगा. जो छात्र , शिक्षक या कर्मचारी कन्टेनमेंट जोन से होंगे, उन्हें स्कूल नहीं बुलाया जायेगा. छात्रों को क्लास में अटेंडेंस के लिए बाध्य भी नहीं किया जायेगा.

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Input: PK

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