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PM मोदी आज ओडिशा-बंगाल के ‘यास’ प्रभावित इलाकों का करेंगे दौरा, समीक्षा बैठक में ममता भी होंगी शामिल




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प्रधानमंत्री मोदी आज चक्रवाती तूफान ‘यास’ से प्रभावित ओडिशा और पश्चिम बंगाल के विभिन्न इलाकों का दौरा करेंगे और दोनों ही राज्यों में इससे हुए नुकसान की समीक्षा भी करेंगे. प्रधानमंत्री सबसे पहले ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर पहुंचेंगे, जहां वह एक समीक्षा बैठक करेंगे. इसके बाद वह ओडिशा के बालासोर, भद्रक और पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर जिलों के प्रभावित इलाकों का हवाई दौरा करेंगे. दिल्ली लौटने से पहले पीएम पश्चिम बंगाल के कलाईकुंड़ा में एक समीक्षा बैठक करेंगे.

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चक्रवाती तूफान ‘यास’ के बुधवार को देश के पूर्वी तटों से टकराने के बाद भारी बारिश हुई. चक्रवात के दौरान 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने से कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए, खेतों में पानी भर गया. चक्रवात से जुड़ी घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गयी जबकि इसके कारण ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड में 21 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. चक्रवात के कारण ओडिशा में तीन लोगों और पश्चिम बंगाल में एक व्यक्ति की मौत हो गयी. बंगाल सरकार ने दावा किया है कि इस प्राकृतिक आपदा के कारण कम से कम एक करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं. ताउते के बाद एक सप्ताह के भीतर देश के तटों से टकराने वाला ‘यास’ दूसरा चक्रवाती तूफान है.

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सीएम ममता भी करेंगी हवाई दौरा
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी आज चक्रवाती तूफान यास से प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगी. वह आज उत्तर 24 परगना के हिंगलगंज, दक्षिण 24 परगना के सागरद्वीप और पूर्वी मिदनापुर के दीघा का दौरा करेंगी. इसके बाद वह पश्चिम मिदनापुर के कलाईकुंडा में पीएम मोदी के साथ समीक्षा बैठक में शामिल होंगी. बनर्जी दोपहर 2.15 बजे कलाईकुंडा में प्रधानमंत्री के साथ बैठक में शामिल होंगी. ये बैठक दोपहर 2:15 से 2:30 बजे तक चलेगी.

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एक दिन पहले पीएम मोदी ने दिल्ली में चक्रवाती तूफान ‘यास’ के व्‍यापक प्रभावों की समीक्षा के लिए आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता की. इस अवसर पर अधिकारियों ने चक्रवाती तूफान से निपटने की तैयारियों के विभिन्न पहलुओं, तूफान से हुए नुकसान के आकलन और संबंधित विषयों पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी. इस दौरान यह चर्चा की गई कि एनडीआरएफ की लगभग 106 टीमों को तैनात किया गया था. पश्चिम बंगाल/ओडिशा में से प्रत्येक में तैनात की गई 46 टीमों ने 1000 से भी अधिक व्यक्तियों की जान बचाई और 2500 से भी अधिक पेड़ों/खंभों को हटाया जो सड़कों पर गिर गए थे, जिनकी वजह से वहां आवागमन बाधित हो गया था.

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