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Post Office की इस स्कीम में 100 रुपए के निवेश पर 15 साल बाद मिलेंगे 10 लाख रुपए, जानिए पूरी डिटेल




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Post Office PPF scheme: आज रिजर्व बैंक ने फिर से रीपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया. इसे 4 फीसदी पर बरकरार रखा है. कम इंट्रेस्ट रेट के कारण बैंक से सस्ता लोन तो जरूर मिल रहा है लेकिन, आपकी जमा पूंजी पर मिलने वाला इंट्रेस्ट रेट भी घट गया है. इस आर्टिकल में पोस्ट ऑफिस की एक ऐसी स्कीम के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके तहत 7.1 फीसदी का शानदार इंट्रेस्ट रेट मिलता है. अगर इस स्कीम में रोजाना आधार पर 100 रुपए का निवेश करते हैं तो 15 सालों बाद 100000 रुपए मिलेंगे जो आपके भविष्य में काम आ सकता है.

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पोस्ट ऑफिस Public Provident Fund Account पर इस समय 7.10 फीसदी का इंट्रेस्ट रेट ऑफर कर रहा है. इसके तहत एक वित्त वर्ष में मिनिमम 500 रुपए और मैक्सिमम 1.5 लाख रुपए जमा किए जा सकते हैं. इस स्कीम के अंतर्गत एक शख्स केवल एक अकाउंट खुलवा सकता है. सबसे खास बात यह है कि पब्लिक प्रोविडेंट फंड स्कीम को टैक्स फ्रेंडली बनाया गया है. इसमें अगर निवेश करते हैं तो सेक्शन 80सी के तहत डिडक्शन का लाभ मिलेगा. मैच्योरिटी पर इंट्रेस्ट इनकम भी पूरी तरह टैक्स फ्री होगा. ऐसे में यह निवेशकों को ज्यादा अट्रैक्टिव इन्वेस्टमेंट ऑप्शन दिखता है. इसका मैच्योरिटी पीरियड 15 सालों का है और उसके बाद 5 सालों के ब्लॉक में इसे बढ़ाया जा सकता है. प्री-मैच्योरिटी विदड्रॉल को लेकर कुछ नियम और शर्तें हैं.

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हर तीन महीने पर इंट्रेस्ट रेट अपडेट किया जाता है
फाइनेंस मिनिस्ट्री की तरफ से हर तीन महीने पर इंट्रेस्ट रेट रिवीजन किया जाता है. जून तिमाही के लिए इंट्रेस्ट रेट 7.1 फीसदी है. 30 जून को ब्याज दर पर वित्त मंत्रालय फैसला लेगा. हर वित्त वर्ष के अंत में इंट्रेस्ट इनकम आपके अकाउंट में ट्रांसफर हो जाती है. वर्तमान दर के हिसाब से अगर आप रोजाना अपने भविष्य के लिए 100 रुपए का निवेश करते हैं तो 15 साल बाद जब यह मैच्योर होगा तो आपको एकमुश्त 989931 रुपए मिलेंगे जो पूरी तरह टैक्स फ्री होंगे. 15 सालों के दौरान आपकी कुल जमा राशि 547500 रुपए होगी.

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हर वित्त वर्ष 500 जमा करना जरूरी
PPF अकाउंट को एक्टिव रखने के लिए हर वित्त वर्ष में 500 रुपए जमा करना जरूरी है. अगर ऐसा नहीं करते हैं तो अकाउंट इनएक्टिव हो जाएगा. इन-एक्टिव अकाउंट के लिए लोन की सुविधा नहीं मिलती है. अकाउंट इन एक्टिव होने पर इसे दोबारा एक्टिव कराने के लिए 50 रुपए का सालाना जुर्माना लगता है.

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लोन की भी सुविधा उपलब्ध
लोन फसिलटी की बात करें तो जिस वित्त वर्ष में आपने यह अकाउंट खुलवाया है उसके अगले वित्त वर्ष से लोन की सुविधा उपलब्ध है. पांच सालों की अवधि तक यह सुविधा रहती है. आपके अकाउंट में जितना जमा किया गया है उसका 25 फीसदी तक लोन मिल सकता है. एक वित्त वर्ष में केवल एकबार लोन उठाया जा सकता है. दूसरा लोन तब तक नहीं मिलेगा जब तक पहला लोन चुका नहीं दिया जाता है. अगर तीन सालों के भीतर लोन चुकाया जाता है तो इंट्रेस्ट रेट केवल 1 फीसदी सालाना होगा. अगर तीन साल के बाद लोन चुकाया जाता है तो इंट्रेस्ट रेट 6 फीसदी सालाना होगा.

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प्री-मैच्योर विदड्रॉल रूल्स
निकासी की बात करें तो पांच सालों के लॉक-इन पीरियड के बाद एक वित्त वर्ष में एकबार निकासी किया जा सकता है. यह आपके अकाउंट में जमा राशि का 50 फीसदी तक हो सकता है. प्रीमैच्योर क्लोजर की बात करें तो अगर अकाउंट होल्डर बीमार हो जाता है या फिर खुद या बच्चों के हायर एजुकेशन के लिए इसकी अनुमति है. इसके लिए कुछ चार्जेज काटा जाता है.

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SOURCE: TV9

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