BIHARBreaking NewsNationalSTATE

लाख को करोड़ में बदलने की ट्रिक, महीने में 4500 रुपये बचाकर पाएं 1 करोड़, ये है निवेश का नया फंडा




Sponsored

कोरोना महामारी ने लोगों को निवेश और बचत पर जोर देने के लिए मजबूर किया है. लोगों को लगा है कि खर्च की कोई सीमा नहीं है, लेकिन मुश्किल वक्त में बचत ही काम आता है. समय रहते जो कुछ बचा लिया, मुश्किल घड़ी में वही काम आता है.

Sponsored




Sponsored

ऐसे में लोग अब बचत करना तो चाहते हैं, लेकिन ज्यादा रिटर्न की चाह भी है. पारंपरिक बचत योजनाएं चल रही हैं लेकिन बिना मन से. लोग वैसी स्कीम में पैसा लगाना चाहते हैं जहां कम समय और कम पैसे में ज्यादा रिटर्न मिले. इसी का नतीजा है कि म्यूचुअल फंड और क्रिप्टोकरंसी का चलन बढ़ा है. म्यूचुअल फंड में ही सिस्टमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान (SIP) भी आता है.

Sponsored




Sponsored

एसआईपी की सुविधा म्यूचुअल फंड की ओर से मिलने वाली खास स्कीम है. यह ऐसी स्कीम है जिसमें हर महीने कुछ हजार रुपये बचाकर लाख या करोड़ में रिटर्न पाया जा सकता है. एसआईपी के तहत किसी फंड में निश्चित अवधि के लिए निवेश करने की इजाजत मिलती है. निवेशक 500 रुपये से एसआईपी के माध्यम से म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं. निवेशक के बैंक अकाउंट से हर महीने एक निश्चित राशि कटती है जो म्यूचुअल फंड में निवेश होती है. इसके बाद निवेशक को इसके बदले में नेट एसेट वैल्यू (NAV) के आधार पर म्यूचुअल फंड यूनिट की एक निश्चित संख्या दी जाती है.

Sponsored




Sponsored

कैसे शुरू करते हैं SIP
एसआईपी में ज्यादा लाभ लेने के लिए लंबी अवधि तक निवेश करना सही होता है. एसआईपी के जरिये आपके अकाउंट से पैसा कटता रहता है जो म्यूचुअल फंड में निवेश होता जाता है. सबसे अच्छी बात कि आप कम पैसे में निवेश शुरू कर सकते हैं. आप जब चाहें निवेश भी बंद कर सकते हैं. एसआईपी को बिना किसी रुकावट के शुरू करने के बाद उसकी अवधि (tenure) की तारीख भी बदल सकते हैं. आप चाहें तो निवेश की राशि को बढ़ा और घटा सकते हैं. राशि बढ़ाना चाहते हैं तो नया एसआईपी शुरू करने की जरूरत नहीं है. मौजूदा एसआईपी की राशि को ही आसानी से बढ़ा सकते हैं.

Sponsored




Sponsored

बंपर रिटर्न की गारंटी?
रिटर्न या ब्याज दर की जहां तक बात है तो इसका कोई खास नियम नहीं है. यह पूरी तरह से बाजार पर निर्भर करता है. बाजार बढ़ने पर रिटर्न बढ़ता है और घटने पर आमदनी घट सकती है. लेकिन एसआईपी आपको म्यूचुअल फंड में जमा राशि पर सुरक्षा भी प्रदान करती है. एसआईपी में आप जितना जल्दी निवेश शुरू करते हैं, उतना ही आपका पैसा समय के साथ बढ़ता है. स्टेट बैंक अपने निवेशकों को इसका खास अवसर देता है. स्टेट बैंक या SBI एसआईपी के माध्यम से म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश की गई छोटी राशि को भी आपको कंपाउंडिंग पावर की सुविधा के कारण काफी ज्यादा लाभ दे सकता है.

Sponsored




Sponsored

SBI का एसआईपी
SBI का एसआईपी रेकरिंग डिपॉजिट की तरह काम करता है. स्टेट बैंक के एसआईपी में आपके अकाउंट से हर महीने, साप्ताहिक या हर दिन के निवेश के लिहाज से एक फिक्स राशि निश्चित तारीख को कट जाती है. यह राशि म्यूचुअल फंड में निवेश होती जाती है. इसे एक उदाहरण के तौर पर समझ सकते हैं. मान लीजिए कि आप एसआईपी (SIP) के जरिये हर मीने 500 रुपये निवेश करते हैं. जब पहली बार पैसा लगाते हैं तो चुने गए एसबीआई म्यूचुअल फंड प्लान का NAV या नेट एसेट वैल्यू 50 रुपये होता है. इस प्रकार एसआईपी के जरिये म्यूचुअल फंड का 10 यूनिट खरीदते हैं. अगली बार अगर एनएवी 50 से बढ़कर 60 हो गया है तो आप 10 की बजाय 8.33 यूनिट ही खरीद पाएंगे.

Sponsored




Sponsored

लाख को करोड़ में बदलें
एसआईपी में जितना ज्यादा वर्ष के लिए निवेश करेंगे, रिटर्न उसी हिसाब से बढ़ेगा. हालांकि यह बाजार पर निर्भर है, लेकिन अभी तक 15 परसेंट से ज्यादा का भी फायदा दिखा है. 20 साल की अवधि के लिए निवेश को अच्छा माना जाता है. इस हिसाब से देखें तो अगर हर महीने 4500 रुपये 20 साल के लिए जमा करें और 15 परसेंट रिटर्न की उम्मीद करें तो 68,21,797.387 रुपये मिल सकते हैं. अब आप इसे चाहें तो करोड़ में बढ़ा सकते हैं. बस इसके लिए आपको एसआईपी का टॉप अप प्लान लेना होगा. हर साल के बाद प्रति महीने 500 रुपये का टॉप अप कराना होगा. इसी के साथ 4500 रुपये की राशि 20 साल बाद 15 परसेंट रिटर्न के साथ 1,07,26,921.405 रुपये में तब्दी हो जाएगी.

Sponsored




Sponsored

SOURCE: TV9

Sponsored




Sponsored
Sponsored

Comment here