Breaking NewsNationalSTATE

एक ऑटो चलाने वाले का बेटा वायुसेना में बना फ्लाइंग ऑफिसर, पिता का सर फक्र से ऊंचा हुआ




Sponsored

हम लोगों ने कामयाबी की एक से एक किस्से सुने हैं। ऐसे तो हर एक कामयाब व्यक्ति की चर्चा होती है, लेकिन जब कोई छोटा व्यापार करने वाले के लड़के तथा लड़कियां अगर कोई अच्छा कामयाबी हासिल कर ले तो उसकी चर्चा जोरों पर रहती है।

Sponsored




Sponsored

हम जानते है कि कामयाबी को पाने के लिए बैकग्राउंड कोई मायने नही रखता। अगर कोई व्यक्ति अपने सपने को पाने के लिए पूरे शिद्दत से मेहनत करें तो हजारों मुश्किलें उसके सामने अपना घुटना टेक देगी। आज हम बात करेंगे, एक ऐसे शख्स की, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने हौसलें बुलंद रखी और आज वो वायुसेना में फ़्लाइंग अफसर (Flying Officer)बन गए है।

Sponsored




Sponsored

पिता ने किए हौसले बुलंद
जी गोपीनाथ (G. Gopinath) के पिता ऑटो चालक है। 25 वर्षो से निरंतर उन्होंने अपने बेटे की पढाई में कोई कमी नहीं आने दी। गोपीनाथ (Gopinath) के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक ठाक नहीं होने के बावजूद भी उनके पिता ने पैसो की कोई कमी नहीं होने दी। पिता के निरन्तर प्रयास के बाद आज गोपीनाथ (G. Gopinath) फ्लाइंग ऑफिसर (Flying Officer) बन गए।

Sponsored




Sponsored

ऑटो चालक (Auto Driver’s son) का बेटा बना IAF अफसर
वीजाग (Vizag) के एक ऑटो चालक (Auto Driver’s Son) के बेटे, जी गोपीनाथ (G. Gopinath) ने भारतीय सेना में एक कमीशन अधिकारी बन कर अपने माता-पिता का नाम रौशन किया है। इनके पिता का नाम सुरीबाबू ( Suribabu)है, जो पेशे से एक ऑटो चालक है और वो अरिलोवा के एसआईजी नगर में रहते है।

Sponsored




Sponsored

आर्थिक तंगी के बाद भी एक पिता ने किया अफसर बनने के लिए बेटा को प्रेरित
जी गोपीनाथ के पिता सुरीबाबू ( Suribabu) 25 वर्षों से एक ऑटो चलाकर जैसे-तैसे अपने परिवार का पालन-पोषण करते है। आर्थिक तंगी के बावजूद भी सुरीबाबू ने अपने बेटे के सपने को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास किया। उन्होंने अपने बेटे को इंजीनियरिंग कराने के लिए लोन भी लेना चाहा लेकिन गोपीनाथ ने इंजीनियरिंग करने तथा लोन लेने से मना कर दिया क्योंकि उनका सपना सेना में अफसर बनने का था।

Sponsored




Sponsored

बेटे ने वायु सेना में फ़्लाइंग अफसर बनकर अपने सपने को किया साकार
बेटे का सपना था कि वो अपने दादा जी के तरह सेना में शामिल हो और वायु सेना में फ़्लाइंग अफसर बने। आपको बता दें कि, जी गोपीनाथ के दादा जी ने भारतीय सेना में सिपाही के रूप में काम किया था। जी गोपीनाथ भी वही नक्शे कदम पर चलना चाहते थे। अपने सपने को साकार करने के लिए वो एक एयरमैन के रूप में IAF में शामिल हुए और अपने वायुसेना में अफसर बनने का सपना को जिंदा रखा।

Sponsored




Sponsored

IAF में शामिल होने के बाद उन्होंने अपने ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी की तथा आंध्रप्रदेश विश्वविधालय से पोस्ट ग्रेजुएशन किया। लेकिन उनका सपना तब पूरा हुआ जब वो फ्लाइंग अफसर बन गए।

Sponsored




Sponsored

फ्लाइंग अफसर बनने के बाद परिवार में है उत्साह का माहौल
जी गोपीनाथ को वायुसेना में अफसर बनने के बाद उनके परिवार में उत्साह का माहौल बना हुआ है। उनकी बहन गौरी का कहना है कि, उनके परिवार के सभी सदस्य तथा पड़ोसी खूब उत्साहित है, जब से उन्होंने वायु सेना के डुंडीगल अकादमी में जी गोपीनाथ की स्नातक समारोह की लाइव स्ट्रीमिंग देखी है। आगे गौरी ने बताया कि, “मेरा भाई भारतीय वायुसेना में एक एयरमैन के रूप में शामिल हुए क्योंकि उनको भरोषा था कि वो एक न एक दिन अधिकारी जरूर बनेंगे।”

Sponsored




Sponsored

पिता ने कहा, “मिला मेरे प्रयासों का फल”..
जी गोपीनाथ के पिता का कहना है कि, ” मैने अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए कड़ी मेहनत की थी और आज मेरे प्रयासों का फल मिला है।”

Sponsored




Sponsored

गोपीनाथ ने बताया कि, “मेरे पिता जी ने मुझे यहां तक पहुंचाने के लिए बहुत कठिन परिश्रम किया है। उन्होंने मेरे लिए अपनी सारी खुशियों को कुर्बान किया है। मुझे आज भी याद है जब मेरे पिता रात को देर से सोते थे और सुबह हम सबके जरूरतों को पूरा करने के लिए जल्दी उठते थे कि समय पर अपने काम पर निकल सकें और हमारा पालन-पोषण अच्छे से हो सकें। मैं भी अपने माता-पिता को दुनिया की सारी खुशियाँ देने के लिए कड़ी मेहनत करूँगा।”

Sponsored




Sponsored
Sponsored

Comment here