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रतन टाटा ने Air India लेने के कुछ ही महीनों में वो काम किया कि आप कहेंगे ‘ये आप ही कर सकते थे’





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एयर इंडिया (Air India) ने, टाटा ग्रुप (Tata Group) की झोली में जाने यानी निजीकरण के बाद पहले कुछ महीनों में 150 करोड़ रुपये से ज्यादा के पैसेंजर रिफंड प्रॉसेस किए हैं. यह जानकारी कंपनी ने एक बयान जारी करके दी है.

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पिछले साल 8 अक्टूबर को टाटा ग्रुप ने Air India की खरीद के लिए बोली जीती थी और 27 जनवरी 2022 को विमानन कंपनी का नियंत्रण पूरी तरह से अपने हाथ में ले लिया. तब से लेकर अब तक एयर इंडिया ने अपनी लीगेसी से जुड़े मुद्दों जैसे फंसे हुए रिफंड आदि को हल करने के लिए कई कदम उठाए हैं. रिफंड रिक्वेस्ट के लिए प्रॉसेसिंग टाइम भी घटाकर 2-3 दिन पर लाया गया है.

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एयर इंडिया ने बयान में कहा है कि हम यह मानते हैं कि रिफंड्स, वैश्विक महामारी और उसके बाद की रिकवरी के दौरान कई एयरलाइनों के लिए एक समस्या रही है. इसलिए एयर इंडिया इस क्षेत्र में अपनी क्षमता और प्रदर्शन में सुधार के लिए उठाए गए कदमों का विवरण साझा कर रही है.

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आगे कहा कि सभी एयरलाइन्स की तरह एयर इंडिया भी कोविड-19 से बुरी तरह प्रभावित हुई और अफसोस की बात है कि कई ग्राहकों के ट्रैवल प्लान्स प्रभावित हुए. ग्राहकों की अपेक्षाओं को बेहतर ढंग से पूरा करने और निजीकरण के बाद पुराने मुद्दों को तेजी से हल करने के लिए उठाए गए कई कदमों में से एक के रूप में, एयर इंडिया ने रिफंड के बैकलॉग को क्लियर करने को हाई प्रॉयोरिटी पर रखा.

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निजीकरण के बाद पहले कुछ महीनों के दौरान 2.5 लाख से अधिक मामलों में कुल मिलाकर 150 करोड़ रुपये के रिफंड प्रॉसेस किए गए. इस तरह 2.5 लाख से ज्यादा का कोविड-19 रिफंड्स का पूरा बैकलॉग सफलतापूर्वक प्रॉसेस किया जा चुका है.

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टर्नअराउंड टाइम पर क्या बोली कंपनी
निजीकरण के बाद से प्रक्रियाओं और प्रणालियों में सुधार लाने और टेक्नोलॉजी को नियोजित करने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं ताकि नए रिफंड मामलों को अधिक तेजी से निपटाया जा सके. आज की तारीख में एयर इंडिया की वेबसाइट पर दर्ज की गई एक पात्र रिफंड रिक्वेस्ट को आमतौर पर एयरलाइन द्वारा 2-3 दिनों के भीतर प्रॉसेस किया जाएगा.

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बैंकों और/या क्रेडिट कार्ड कंपनियों द्वारा बाद में प्रॉसेसिंग एयरलाइन के नियंत्रण से बाहर है और इसके चलते ग्राहकों के खातों में रिफंड शो होने से पहले की अवधि में दो सप्ताह और जुड़ सकते हैं. ट्रैवल एजेंटों के माध्यम से की गई बुकिंग के मामले में ट्रैवल एजेंट को रिफंड किया जाता है और वह यात्री को भुगतान करने के लिए जिम्मेदार होता है.

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‘ग्राहक हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता’
एयर इंडिया में एयरपोर्ट ऑपरेशंस के चीफ कस्टमर एक्सपीरियंस ऑफिसर और ग्लोबल हेड राजेश डोगरा का कहना है कि एयर इंडिया में ग्राहक हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. लंबित रिफंड मामलों की रिकॉर्ड संख्या की प्रॉसेसिंग, विभिन्न टीमों के एक साथ आने और एक प्रमुख लीगेसी मुद्दे को व्यापक और प्रभावी तरीके से हल करने का प्रमाण है. हमारे बदलाव के हिस्से के रूप में हम अपने कार्यों में स्टैंडर्डाइज स्ट्रक्चर लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो ग्लोबली विश्व स्तरीय एयरलाइन ब्रांड्स में से एक के तौर पर उभरने के लिए हमारे लिए महत्वपूर्ण है.

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डोगरा ने आगे कहा कि जिस भी व्यक्ति का एयर इंडिया से रिफंड होना बाकी है वह हमारी वेबसाइट www.airindia.in के होम पेज पर ‘पुराने लंबित रिफंड लिंक’ (Old Pending Refund Link) के माध्यम से विवरण प्रदान कर सकता है. यह लिंक विशेष रूप से यह पता करने के लिए बनाया गया है कि क्या कोई बकाया पुराना लंबित रिफंड मामला है.

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[DISCLAIMER: यह आर्टिकल कई वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Bharat News Channel अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है]

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